Wednesday, November 12, 2008

सिर्फ़ प्रयास



जब तक तेरे पास रहे |
एक सुखद एहसास रहे |

मुस्काते ही आँसू आए
महफ़िल में उपहास रहे |

मन में अम्बर का सपना ले
पैर तले की घास रहे |

जब-जब हँसने का मौसम था
तब-तब और उदास रहे |

माँ कहती थी राजा बेटा
मगर सदा वनवास रहे |

पूरण काम हुए होंगे वे
हम तो सिर्फ़ प्रयास रहे |

८-जनवरी-१९९५

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