Wednesday, May 13, 2009

जिसमें तेरी लिखी कहानी

जिसमें तेरी लिखी कहानी ।
वही ग़ज़ल ना हुई पुरानी ॥

जितना इस दुनिया को जाना
उससे ज्यादा रही अजानी ॥

जीवन में दो ही चीजें थीं
बड़ी प्यास, थोड़ा सा पानी ॥

जितना तेरे साथ रहा मैं
बस उतना ही था बामानी * ॥

पहले सबके मन को समझो
फिर चाहे करना मनमानी ॥

२० अगस्त २००५
* सार्थक (मायने के साथ)

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(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन ।
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2 comments:

venus kesari said...

बहुत खूबसूरत


वीनस केसरी

Udan Tashtari said...

जिसमें तेरी लिखी कहानी ।
वही ग़ज़ल ना हुई पुरानी ॥

-बहुत सही!