Thursday, February 25, 2010

बातें सभी पुरानी हैं


बातें सभी पुरानी हैं ।
राजा है या रानी है ।

ऊपर से जो ठहरी दीखे
झील वही तूफ़ानी है ।

अपनी कहकर जिसको गाया
तेरी राम कहानी है ।

कैसे देखें तेरा चेहरा
आँखें पानी-पानी हैं ।

उजली दाढ़ी , लंबे चोगे
करतूतें शैतानी हैं ।

२६-११-२००९

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3 comments:

पी.सी.गोदियाल said...

कैसे देखें तेरा चेहरा
आँखें पानी-पानी हैं ।

उजली दाढ़ी , लंबे चोगे
करतूतें शैतानी हैं ।
एक और बेहतरीन रचना जोशी जी !

योगेश स्वप्न said...

उजली दाढ़ी , लंबे चोगे
करतूतें शैतानी हैं ।

wah joshi ji , gazab dha rahe hain. behatareen rachna.

Udan Tashtari said...

बहुत बढ़िया!