Tuesday, February 23, 2010

गर आप हमारे हो जाते


'गर आप हमारे हो जाते ।
तो लाख सहारे हो जाते ।

अँधियारे में रहने वाले
जगमग घर-द्वारे हो जाते ।

उत्तर तुम दे देते तो
हम एक किनारे हो जाते ।

खींचातानी मिट जाती
सब वारे-न्यारे हो जाते ।

अनदेखे रहने वाले हम
आँखों के तारे हो जाते ।

८-१२-२००९

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(c) सर्वाधिकार सुरक्षित - रमेश जोशी । प्रकाशित या प्रकाशनाधीन ।
Ramesh Joshi. All rights reserved. All material is either published or under publication. Joshi Kavi

2 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

ये तमन्ना काफी लोगों की अधूरी ही रह जाती है कि गर आप.......

योगेश स्वप्न said...

उत्तर तुम दे देते तो
हम एक किनारे हो जाते ।

wah joshi ji , bahut din baad aye, par khoob aye. bahut umda rachna ke liye badhaai.